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करवा चौथ आने वाली हैं !!आजकल.. एक बड़ा खतरनाक प्रचलन चला है हिन्दुओं में..,

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वह यह कि.. जैसे ही कोई हिन्दू त्यौहार आने वाला होता है, हम हिन्दू खुद ही.. उस त्यौहार को ऐसे पेश करते हैं जैसे वो.. उनके ऊपर बोझ है उनका भद्दा मजाक.. फेसबुक और व्हाट्सएप पर बनाते हैं , और अपने ही त्यौहारों की.. पवित्रता गम्भीरता.. खत्म कर देते हैं !! देखिए क्या लिखा है,, ~ आदरणीय पति देव ! आपको सूचित किया जाता है कि आपके लम्बी आयु की वैलिडिटी खत्म होने वाली है और रिचार्ज की तिथि आ गयी है..! 4 November 2020 को.. स्पेशल करवाचौथ रिचार्ज करवाकर.. लंबी उम्र पाएं।  पत्नी के त्याग का मजाक बनाकर.. पत्नी को लालची और.. रिशवतखोर बताने लगते हैं !  हिन्दू धर्म की विडंबना देखिए :- जन्माष्टमी आयी तो श्री कृष्ण को टपोरी तडीपार और ना जाने क्या-क्या कहा! गणेश जी आये तो उनका भी मज़ाक़ बनाया! नवरात्रि आयी तो ये चुटकुला आया "नौ दिन दुर्गा-दुर्गा फिर मुर्गा-मुर्गा..." विजयादशमी पर श्री राम-माता सीता और रावण पर चुटकुले चले! अब दिवाली पर भी कुछ ना कुछ.. आ जायेगा! कभी सोचा है कि वास्तव में कौन है जो.. ये सब पोस्ट कर रहा है???  ये कभी किसी ने भी जानने की कोशिश नहीं की..! बस अपने मोबाइल प...

104 साल पहले शुरू हुआ था First World War, ऐसे हुआ खत्म

प्रथम विश्‍व युद्ध साल 1914 में 28 जुलाई को शुरू हुआ था. जब पूरी दुनिया में मौत नाची थी. जानें इस युद्ध से जुड़ी अहम बातें:

104 साल पहले शुरू हुआ था First World War, ऐसे हुआ खत्म
प्रतिकात्मक तस्वीर

प्रथम विश्‍व युद्ध साल 1914 में 28 जुलाई को शुरू हुआ थाजब ऑस्ट्रिया- हंगरी ने सर्बिया के खिलाफ जंग का ऐलान किया28 जुलाई 1914 से 1919 तक चले इस प्रथम विश्‍व युद्ध को पूरे 104 साल हो चुके हैं.

जानें इस युद्ध से जुड़ी अहम बातें:

- 1914 से 1919 के मध्य यूरोप, एशिया और अफ्रीका तीन महाद्वीपों के जल, थल और आकाश में प्रथम विश्‍व युद्ध लड़ा गया.

-  प्रथम विश्वयुद्ध लगभग 52 महीने तक चला और उस समय की पीढ़ी के लिए यह जीवन की दृष्टि बदल देने वाला अनुभव था. करीब आधी दुनिया हिंसा की चपेट में चली गई और इस दौरान अनुमानतः एक करोड़ लोगों की जान गई और इससे दोगुने घायल हो गए.

- प्रथम विश्व युद्ध को THE GREAT WAR के नाम से भी जाना जाता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है कि इस तरह के युद्ध की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

- यह महायुद्ध यूरोप, एशिया व अफ़्रीका तीन महाद्वीपों और समुंदर, धरती और आकाश में लड़ा गया था.

- इस युद्ध में 37 देशों ने प्रथम विश्‍वयुद्ध में भाग लिया.

- युद्ध का तात्का‍लिक कारण ऑस्ट्रिया के राजकुमार फर्डिंनेंड की हत्या था.

- जून 1914 में, ऑस्ट्रिया के राजकुमार फर्डिनेंड हत्या कर दी गई जिसके बाद 28 जुलाई को सर्बिया के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी गई.

- जब यह युद्ध आरम्‍भ हुआ था उस समय भारत औपनिवेशिक शासन के अधीन था. यह भारतीय सिपाही सम्‍पूर्ण विश्‍व में अलग-अलग लड़ाईयों में लड़े.

- युद्ध आरम्भ होने के पहले जर्मनों ने पूरी कोशिश की थी कि भारत में ब्रिटेन के विरुद्ध आन्दोलन शुरू किया जा सके.  बहुत से लोगों का विचार था कि यदि ब्रिटेन युद्ध में लग गया तो भारत के क्रान्तिकारी इस अवसर का लाभ उठाकर देश से अंग्रेजों को उखाड़ फेंकने में सफल हो जाएंगे.

- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुल 8 लाख भारतीय सैनिक इस युद्ध में लड़े जिसमें कुल 47746 सैनिक मारे गये और 65000 जख्मी हुए. इस युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था लगभग दिवालिया हो गयी थी.

- भारत के बड़े नेताओं द्वारा इस युद्ध में ब्रिटेन को समर्थन ने ब्रिटिश चिन्तकों को भी चौंका दिया था. भारत के नेताओं को आशा थी कि युद्ध में ब्रिटेन के समर्थन से खुश होकर अंग्रेज भारत को इनाम के रूप में स्वतंत्रता दे देंगे या कम से कम स्वशासन का अधिकार देंगे किन्तु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

- 28 जुन,1919 को जर्मनी के सामने फ्रांस इटली, ब्रिटेन और सहयोगी थे. दोनों पक्षों के बीच वर्सलेस संधि पर दस्तखत हुए और युद्ध का आधिकारिक अंत हुआ

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