करवा चौथ आने वाली हैं !!आजकल.. एक बड़ा खतरनाक प्रचलन चला है हिन्दुओं में..,

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वह यह कि.. जैसे ही कोई हिन्दू त्यौहार आने वाला होता है, हम हिन्दू खुद ही.. उस त्यौहार को ऐसे पेश करते हैं जैसे वो.. उनके ऊपर बोझ है उनका भद्दा मजाक.. फेसबुक और व्हाट्सएप पर बनाते हैं , और अपने ही त्यौहारों की.. पवित्रता गम्भीरता.. खत्म कर देते हैं !! देखिए क्या लिखा है,, ~ आदरणीय पति देव ! आपको सूचित किया जाता है कि आपके लम्बी आयु की वैलिडिटी खत्म होने वाली है और रिचार्ज की तिथि आ गयी है..! 4 November 2020 को.. स्पेशल करवाचौथ रिचार्ज करवाकर.. लंबी उम्र पाएं।  पत्नी के त्याग का मजाक बनाकर.. पत्नी को लालची और.. रिशवतखोर बताने लगते हैं !  हिन्दू धर्म की विडंबना देखिए :- जन्माष्टमी आयी तो श्री कृष्ण को टपोरी तडीपार और ना जाने क्या-क्या कहा! गणेश जी आये तो उनका भी मज़ाक़ बनाया! नवरात्रि आयी तो ये चुटकुला आया "नौ दिन दुर्गा-दुर्गा फिर मुर्गा-मुर्गा..." विजयादशमी पर श्री राम-माता सीता और रावण पर चुटकुले चले! अब दिवाली पर भी कुछ ना कुछ.. आ जायेगा! कभी सोचा है कि वास्तव में कौन है जो.. ये सब पोस्ट कर रहा है???  ये कभी किसी ने भी जानने की कोशिश नहीं की..! बस अपने मोबाइल प...

S-400 मिसाइल सिस्टम में ऐसा क्या है जिसके आने की खबर भर से थर्राया चीन


अब चीन भी ये समझ चुका है कि इस बार उसकी टक्कर 2020 के भारत से है जो ना तो किसी के दबाव के आगे झुकता है बल्कि हर हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब देकर दुश्मनों को झुकाने का माद्दा रखता है.

नई दिल्ली: भारत (India) जब किसी देश को सबक सिखाता है वो देश तुरंत घुटनों पर आ जाता है. पहले भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) पर सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) करके उसे सबक सिखाया. अब जब हिंदुस्तान ने गलवान में चीन (China) के जवानों पर गर्दन तोड़ प्रहार किया तो चीन भी सदमे में है. अभी तो चीन के आर्थिक बहिष्कार की हिंदुस्तान ने शुरुआत भर की है. चीन अभी से डरा हुआ दिख रहा है और रूस से ये कहा है कि वो भारत को हथियार ना बेचे. 
 
चीन को भी पता है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रूस दौरे पर भारत को S-400 डिफेंस सिस्टम, सुखोई-30 MKIs, मिग-29 की जल्द डिलिवरी जल्द देने पर सहमति बन सकती है. यही चीन के डर की वजह है क्योंकि अब बदले हुए हालात में भारत इनकी सप्लाई तुरंत और हवाई मार्ग से चाहता है. इस डिफेंस सिस्टम के मिलने से भारतीय सेना और ज्यादा मजबूत हो जाएगी. यानी हर तरफ से चीन को घेरा जा चुका है  और अब चीन भी ये समझ चुका है कि इस बार उसकी टक्कर 2020 के भारत से है जो ना तो किसी के दबाव के आगे झुकता है बल्कि हर हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब देकर दुश्मनों को झुकाने का माद्दा रखता है. 


S-400 मिसाइल सिस्टम देगा भारतीय सेना को नई ताकत
भारतीय सेना ने अपने हर दुश्मन को तहस-नहस करने की पॉलिसी बनाए रखी है. इसके लिए सेना में नए हथियार शामिल किए जा रहे हैं. अब चीन को डर है कि अब भारत को रूस से मिलने वाला S-400 मिसाइल सिस्टम भारतीय सेना को शत्रु संहार की नई ताकत देगा. अब भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों की खैर नहीं क्योंकि अब भारत जमीन की लड़ाई भी आसमान से ही लड़ेगा. S-400 को जमीन पर तैनात एक ऐसी आर्मी भी कह सकते हैं जो पलक झपकते ही सैकड़ों फीट ऊपर आसमान में दुश्मनों की कब्र खोद सकती है. S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तीन तरह के अलग-अलग मिसाइल दाग सकता है. 


एरियल टार्गेट को पलक झपकते ही हवा में नष्ट कर सकता
ये कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक मंडरा रहे किसी भी एरियल टार्गेट को पलक झपकते ही हवा में नष्ट कर सकता है. इतना ही नहीं, आसमान में फुटबॉल के आकार की भी कोई चीज अगर मंडराती हुई दिखाई देगी, तो ये मिसाइल सिस्टम उसे डिटेक्ट करके नष्ट कर सकता है. ये मिसाइल सिस्टम पहले अपने टार्गेट को स्पॉट करता है. फिर उसे पहचानता है, पहचान हो जाने के बाद मिसाइल सिस्टम उसे मॉनिटर करना शुरू कर देता है और उसकी लोकेशन ट्रैक करता है. S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, 400 किलोमीटर तक की रेंज में आने वाले दुश्मन के एयरक्राफ्ट, फाइटर जेट्स, स्टील्थ प्लेन, मिसाइल और ड्रोन को भी मार गिराने की क्षमता रखता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर डील हुई थी. इसके तहत रूस करीब 5 अरब डॉलर यानी 40 हज़ार करोड़ रुपए में S-400 डिफेंस सिस्टम की पांच रेजिमेंट्स भारत को बेचेगा. S-400 के मिलते ही भारतीय वायु सेना काफी मजबूत हो जाएगी.


S-400 डिफेंस सिस्टम में ऐसा क्या खास है कि इसके आने की खबर भर से चीन की नींद उड़ गई है. आइये जानते हैं: 


- यह दुश्मनों के फाइटर प्लेन, ड्रोन, मिसाइल का पीछा करता है.
- इसके रडार में आने के बाद दुश्मन का बचना नामुमकिन है. 
- S-400 के हमले के सामने भागना तो दूर संभलना भी मुश्किल है. 
- इसमें मिसाइल दागने की क्षमता पहले से ढाई गुना ज्यादा है. 
- S-400 से एक साथ 36 जगहों पर निशाना लगाया जा सकता है.  
- यह बैलिस्टिक और क्रूज दोनों मिसाइलों को बीच में ही तबाह कर देगा.  
- S-400 रोड मोबाइल है और सिर्फ़ 5 से 10 मिनट में तैनात हो सकता है.  
- इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी आसानी से पहुंचाया जा सकता है.  
- इसे नेवी के मोबाइल प्लेटफॉर्म से भी दागा जा सकता है 


भारत जिन हथियारों की रूस से जल्द डिलीवरी चाहता है अगर वो मिल गए तो युद्ध के हर मैदान में 2020 का नया हिंदुस्तान चीन पर और भी ज्यादा भारी पड़ेगा क्योंकि इनकी शक्तियां बेमिसाल हैं.




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